प्रथम गुरू को नमन करूं, धरूं हिय में ध्यान।
लाज रखो दास की, कथा करू बखान॥
सब संतों से विनती, मैं चरणों कादास।
क्रोड़ गुन्हां माफ करो, हृदय करों प्रकाश॥
जिला नागौर मांयने, खाखोली एक गांव।
भक्त एक अवतार लियो, मौजीदास जी नांव॥
पिता तिलोक राम जी, दलुबाई है मात।
मौजी महेश जन्मिया, जांरी जाँगिड़ जात॥
भादवा सुदी चांदणी, १२, १३ री रात।
इण घर हीरा आविया, उगतड़े प्रभात॥